Monday, May 11, 2009

नन्हा मन: दादी मां की कहानियां - शेर और गधे की दोस्ती

नन्हा मन: दादी मां की कहानियां - शेर और गधे की दोस्ती
Muje bhaut aachi lagi

1 comment:

RAJNISH PARIHAR said...

हिंदी में लिखने के लिए जब आप ब्लॉग में नयी पोस्ट लिखते है तो एक ऑप्शन आता है...जिसमे 'अ' लिखा होता है.!आप चेक कर ले..!वैसे ऑनलाइन लिखने के लिए गूगल का ट्रांसलेटर है ही....जिसका लिंक ये है.http://www.google.com/transliterate/इस पर रोमन में लिख कर कर स्पेस दबाइए वो स्वत ही हिंदी में बदल जायेगा !मेरे ब्लॉग पर पधारने का धन्यवाद...